गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

MHS (महाराष्ट्र हाउसिंग सोसाइटी) Redevelopment (पुनर्विकास) के नए नियम 2026: 51% सहमति, 2/3 कोरम, वीडियो कॉल और 3 डेवलपर बोली अनिवार्य | HousingSocietySolutions

महाराष्ट्र सरकार ने सहकारी गृहनिर्माण सोसायटियों के पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सदस्य-केंद्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सहयोग विभाग द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी नए सरकारी प्रस्ताव (GR) के तहत पुराने नियमों में संशोधन किया गया है। ये नए नियम सोसायटी सदस्यों के अधिकारों को मजबूत करते हुए बिल्डर चयन और पूरे प्रोजेक्ट को अधिक जवाबदेह बनाते हैं।

HousingSocietySolutions के इस लेख में हम आपको इन नए नियमों के 5 प्रमुख बदलाव विस्तार से समझा रहे हैं, ताकि आपकी सोसायटी सही निर्णय ले सके।

1. पुनर्विकास के लिए 51% सदस्यों की मंजूरी अनिवार्य

अब पुनर्विकास का प्रारंभिक निर्णय लेने के लिए सोसायटी के कुल सदस्यों में से कम से कम 51% की मंजूरी जरूरी है। यह मंजूरी कुल सदस्य संख्या के आधार पर गिनी जाएगी, न कि सिर्फ उपस्थित सदस्यों के। इससे पहले की तुलना में प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो गई है और अनुपस्थित सदस्यों के मत को पक्ष या विपक्ष में नहीं गिना जाएगा। मंजूरी देने वाले सदस्यों को लिखित सहमति भी देनी होगी।

2. विशेष आम सभा के लिए 2/3 कोरम जरूरी

पुनर्विकास संबंधी विशेष आम सभा (Special General Body Meeting) के लिए दो-तिहाई (2/3) सदस्यों का कोरम अनिवार्य किया गया है। कोरम पूरा न होने पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। पहली सभा में कोरम न बनने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दोबारा सभा बुलाई जा सकती है।

3. सदस्यों को वीडियो कॉल से शामिल होने की अनुमति

सीनियर सिटीजन, गंभीर बीमारी वाले सदस्य, दिव्यांग, विदेश में रहने वाले या अपरिहार्य कारणों से उपस्थित न हो सकने वाले सदस्य अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभा में शामिल हो सकते हैं। उनकी उपस्थिति कोरम और 51% बहुमत दोनों में गिनी जाएगी। हालांकि, कम से कम 51% सदस्यों की शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। इससे अधिक सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

4. डेवलपर चयन के लिए न्यूनतम 3 बोलियां अनिवार्य

डेवलपर चुनने से पहले सोसायटी को कम से कम तीन प्रतिस्पर्धी बोलियां आमंत्रित करनी होंगी। अगर तीन से कम बोलियां आती हैं तो समय सीमा बढ़ाकर दोबारा आमंत्रण जारी करना होगा। इससे एकाधिकार वाली स्थितियों पर अंकुश लगेगा और सदस्यों को बेहतर विकल्प मिलेंगे। डेवलपर चयन की सभा का वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य है और रजिस्ट्रार के अधिकारी की उपस्थिति जरूरी हो सकती है।

5. दस्तावेजीकरण समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी

नए नियमों में दस्तावेजों और समझौतों के लिए सख्त समयसीमा तय की गई है:

डेवलपर चयन के बाद डेवलपमेंट एग्रीमेंट (DA) तीन महीने के अंदर निष्पादित करना होगा।

DA के रजिस्ट्रेशन के तीन महीने के अंदर स्थायी वैकल्पिक आवास समझौता (PAAA) रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य है।

सदस्यों को सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज मुफ्त में देखने का अधिकार होगा।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, टेंडर प्रक्रिया और अन्य चरणों के लिए भी समयबद्ध प्रक्रिया अपनाई गई है।

इसके अलावा, प्लिंथ सर्टिफिकेट के बाद प्रोजेक्ट दो साल में पूरा करने का प्रावधान भी है (विशेष परिस्थितियों में तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है)।

सदस्यों के लिए क्या मतलब है ये बदलाव?

ये नियम सोसायटी सदस्यों को अधिक सुरक्षा और पारदर्शिता देते हैं। पहले कई बार कम सदस्यों की उपस्थिति में फैसले हो जाते थे या प्रक्रिया लंबी खिंच जाती थी। अब वीडियो कॉल की सुविधा से भागीदारी बढ़ेगी, तीन बोलियों से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और समयसीमा से देरी कम होगी।

अगर आपकी सोसायटी पुनर्विकास की योजना बना रही है तो:

कोरम और 51% मंजूरी के नियमों का ध्यान रखें।

PMC (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट) की रिपोर्ट जरूर लें।

सभी दस्तावेज सदस्यों के बीच साझा करें।

कानूनी सलाह जरूर लें।

HousingSocietySolutions सलाह देता है कि कोई भी फैसला लेने से पहले पूरे GR को ध्यान से पढ़ें और सदस्यों के बीच खुली चर्चा करें। ये नए नियम सही तरीके से लागू होने पर महाराष्ट्र की पुरानी इमारतों के पुनर्विकास को सुचारु और निष्पक्ष बना सकते हैं।

अधिक जानकारी या अपनी सोसायटी के केस के लिए हमसे संपर्क करें। सही जानकारी से ही सही निर्णय संभव है!

(नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। आधिकारिक सरकारी प्रस्ताव और कानूनी सलाह के आधार पर आगे बढ़ें।)

MHS (महाराष्ट्र हाउसिंग सोसाइटी) Redevelopment (पुनर्विकास) के नए नियम 2026: 51% सहमति, 2/3 कोरम, वीडियो कॉल और 3 डेवलपर बोली अनिवार्य | HousingSocietySolutions

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