62% घर मालिक चुप रह जाते हैं होम सर्विस फ्रॉड के बाद – क्या आपका सोसाइटी भी इस जाल में फंस रही है?होम सर्विसेज यानी प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर या अप्लायंस रिपेयर वाले हर रोज हमारे घरों में आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से कई बार फ्रॉड हो जाता है और ज्यादातर लोग कुछ नहीं बोलते?
ProNearMe Private Limited की हालिया स्टडी (दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु में 1000 लोगों पर) चौंकाने वाले आंकड़े सामने लाई है। 47% लोगों ने पिछले 24 महीनों में कम से कम एक बार होम सर्विस में साफ-साफ धोखा खाया, लेकिन 62% victims ने इसे किसी को रिपोर्ट ही नहीं किया।
यह चुप्पी भारत के अनऑर्गनाइज्ड होम सर्विस मार्केट की सबसे बड़ी समस्या बन गई है।फ्रॉड के मुख्य प्रकार क्या हैं?स्टडी के अनुसार सबसे आम फ्रॉड पैटर्न ये हैं:
29% – एडवांस लेकर काम छोड़कर भाग जाना
24% – नकली या घटिया पार्ट्स इस्तेमाल करना
22% – बिल को अंत में बढ़ा देना
15% – आंशिक पेमेंट लेकर काम अधूरा छोड़ना
10% – घर की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना
औसत नुकसान ₹4,800 (मीडियन ₹2,400) है। इतनी छोटी रकम होने के कारण ज्यादातर लोग शिकायत करना बेकार समझते हैं।लोग चुप क्यों रह जाते हैं?
41% – रकम कम है, शिकायत करने का झंझट नहीं उठाना चाहते
28% – पता ही नहीं कहां रिपोर्ट करें
19% – रिड्रेसल सिस्टम पर भरोसा नहीं
12% – सर्विस प्रोवाइडर को घर का पता पता है, confrontation का डर
महिलाओं के साथ खास समस्या देखी गई। उन्हें शुरुआत में ज्यादा कोटेशन और बीच में प्राइस बढ़ाने का सामना ज्यादा करना पड़ता है, हालांकि वे शिकायत करने में पुरुषों से ज्यादा सक्रिय हैं।
Verified प्लेटफॉर्म vs अनऑर्गनाइज्ड सर्विसस्टडी में एक बहुत बड़ा अंतर सामने आया:Verified प्लेटफॉर्म से सर्विस लेने वालों में फ्रॉड सिर्फ 9%
अनऑर्गनाइज्ड लोकल सर्विस में 47%
यह साफ दिखाता है कि formalisation और verification फ्रॉड कम करने में कितना बड़ा रोल प्ले कर सकता है।
Housing Society Solutions – क्या करें?आपकी सोसाइटी में इस समस्या से बचने के लिए ये प्रैक्टिकल स्टेप्स अपनाएं:
सोसाइटी वेंडर पैनल बनाएं – केवल verified और रेटेड सर्विस प्रोवाइडर्स को अप्रूव करें।
WhatsApp ग्रुप या ऐप से बुकिंग – हर बुकिंग का रिकॉर्ड रहना चाहिए।
Before-After फोटो और डिजिटल इनवॉइस अनिवार्य करें।
फीडबैक सिस्टम – हर सर्विस के बाद रेटिंग जरूर लें।
अवेयरनेस वर्कशॉप – रेजिडेंट्स को बताएं कहां और कैसे शिकायत करें (Consumer Court, Jago Grahak Jago, Platform grievance)।
Tie-up with reputed platforms – ProNearMe जैसे verified ऐप्स के साथ पार्टनरशिप।
Simranjeet Singh (ProNearMe Founder) का कहना है – “हर रिपोर्टेड केस के पीछे कई अनरिपोर्टेड केस छिपे हैं। पॉलिसी और enforcement केवल एक छोटे हिस्से पर आधारित हो रही है।”
निष्कर्ष
होम सर्विस फ्रॉड छोटा लगता है, लेकिन जब पूरे सोसाइटी लेवल पर देखें तो लाखों का नुकसान और रेजिडेंट्स का भरोसा टूटना एक बड़ी समस्या है। चुप रहना बंद करें। शिकायत करें, सोसाइटी लेवल पर सिस्टम बनाएं और verified सर्विस प्रोवाइडर्स ही चुनें।
आपकी सोसाइटी में ऐसा फ्रॉड हुआ है? कमेंट में अपना अनुभव शेयर करें। HousingSocietySolutions पर ऐसे ही प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस के लिए जुड़े रहें।
Share this post अपने सोसाइटी व्हाट्सएप ग्रुप में ताकि दूसरे रेजिडेंट्स भी जागरूक हों।
(यह लेख Financial Express की रिपोर्ट पर आधारित है और HousingSocietySolutions के रेजिडेंट्स के हित में तैयार किया गया है।)







