टॉप 9 शहरों में Q2 2026 में हाउसिंग सेल्स 19% बढ़ी, सप्लाई में 43% उछाल; बेंगलुरु ने मारी बाजी – PropEquity रिपोर्ट
भारतीय रेजिडेंशियल रियल एस्टेट सेक्टर Q2 2026 (अप्रैल-जून) में मजबूत गति दिखा रहा है। PropEquity की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के टॉप 9 शहरों में हाउसिंग सेल्स साल-दर-साल 19% बढ़कर 1,12,458 यूनिट्स पहुंच गई, जबकि नई सप्लाई में 43% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 1,17,609 यूनिट्स हो गई।यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद खरीदारों का विश्वास बरकरार है और डेवलपर्स भी नई परियोजनाएं लॉन्च करने में आक्रामक रुख अपना रहे हैं।
दक्षिणी शहरों का जलवा, बेंगलुरु बना चैंपियन
दक्षिण भारत के शहरों ने इस क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन किया। बेंगलुरु ने दोनों सेल्स और सप्लाई में टॉप पोजीशन बरकरार रखी। यहां हाउसिंग सेल्स 47% बढ़कर 21,516 यूनिट्स पहुंच गई। नई सप्लाई भी 71% बढ़कर 24,340 यूनिट्स हो गई।
हैदराबाद: सेल्स 22% ↑ (14,410 यूनिट्स), सप्लाई 75% ↑ (18,407 यूनिट्स)
चेन्नई: सेल्स 18% ↑ (6,323 यूनिट्स)
पश्चिमी बाजार भी जोरदार:
वेस्टर्न रीजन में नवी मुंबई सबसे तेजी से बढ़ा। यहां सेल्स 61% बढ़कर 11,029 यूनिट्स पहुंच गई, जबकि नई लॉन्च 116% उछलकर 9,902 यूनिट्स हो गई।
मुंबई: सेल्स 32% ↑ (10,561 यूनिट्स)
ठाणे: सेल्स 10% ↑ (16,386 यूनिट्स)
पुणे: सेल्स 9% ↑ (18,737 यूनिट्स)
दिल्ली-NCR और कोलकाता में मंदी:
पूर्वी और उत्तरी बाजारों में स्थिति थोड़ी कमजोर रही। कोलकाता में सेल्स 23% घटी (3,414 यूनिट्स), जबकि दिल्ली-NCR में 14% की गिरावट (10,082 यूनिट्स) दर्ज की गई। इन शहरों में नई सप्लाई भी घटकर क्रमशः 2% और 6% रह गई।
PropEquity CEO का बयान
PropEquity के फाउंडर और CEO समीर जसुजा ने कहा, “कई तिमाहियों के बाद सप्लाई बढ़ने से अब्जॉर्प्शन भी मजबूत हुआ है। बुनियादी डिमांड स्वस्थ है। भारत की आर्थिक स्थिरता, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स की वजह से निवेशक मिडिल ईस्ट की बजाय भारत की ओर रुख कर रहे हैं।”
HousingSocietySolutions के नजरिए से सुझाव
होमबायर्स के लिए: दक्षिणी और पश्चिमी शहरों में अच्छे विकल्प उपलब्ध हैं। बढ़ती सप्लाई से कीमतों पर दबाव कम रह सकता है, लेकिन लोकेशन और डेवलपर की विश्वसनीयता देखें।
इन्वेस्टर्स के लिए:
बेंगलुरु, हैदराबाद और नवी मुंबई जैसे शहर अभी भी हाई रिटर्न दे सकते हैं।
हाउसिंग सोसाइटी मैनेजमेंट के लिए: नई सोसाइटीज में प्लानिंग करते समय बढ़ी हुई डिमांड को ध्यान में रखें – अच्छी अमेनिटीज और सस्टेनेबल फीचर्स अब खरीदारों की प्राथमिकता हैं।
निष्कर्ष: Q2 2026 के आंकड़े भारतीय रियल एस्टेट की लचीलता को साबित करते हैं। साउथ और वेस्ट के बाजार आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद है, जबकि NCR और ईस्ट को रिकवरी के लिए नए स्ट्रैटजी की जरूरत है।





