उत्तर प्रदेश RERA की नई एडवाइजरी में घर खरीदारों के लिए 6 महत्वपूर्ण चेकलिस्ट जारी की गई है। लैंड टाइटल, सैंक्शन मैप, बैंक अकाउंट, प्रोग्रेस रिपोर्ट और बिल्डर कंप्लेंट्स की जांच कैसे करें। धोखाधड़ी से बचें।
UP RERA नई एडवाइजरी: प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इन 6 जरूरी चेक को जरूर करें
नमस्ते दोस्तों, आपका स्वागत है HousingSocietySolutions ब्लॉग पर। अगर आप उत्तर प्रदेश में अपना सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 14 मई 2026 को Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority (UP RERA) ने एक नई एडवाइजरी जारी की है जिसमें घर खरीदारों को प्रॉपर्टी खरीदने से पहले 6 प्रमुख जांच बिंदु बताए गए हैं। इसका मकसद बिल्डरों द्वारा धोखाधड़ी और फ्रॉड से खरीदारों को बचाना है।
HousingSocietySolutions पर हम आपको इस एडवाइजरी की पूरी डिटेल हिंदी में आसान भाषा में समझा रहे हैं।
क्यों जारी की गई यह नई एडवाइजरी?
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ते निवेश के साथ विवाद और शिकायतों की संख्या भी बढ़ रही है। UP RERA चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि खरीदारों को सिर्फ बिल्डर की मार्केटिंग या एजेंट की बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। बल्कि आधिकारिक UP RERA पोर्टल पर जाकर सारी जानकारी खुद वेरिफाई करनी चाहिए।यह एडवाइजरी खरीदारों को सशक्त बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जारी की गई है।
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले 6 जरूरी चेकलिस्ट
1. लैंड टाइटल और ओनरशिप डिटेल्स की जांच
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि बिल्डर (प्रोमोटर) के पास जिस जमीन पर प्रोजेक्ट बन रहा है, उसका क्लियर और लीगल टाइटल हो। जमीन किसी विवाद, एन्कम्ब्रेंस या लीगल क्लेम से मुक्त होनी चाहिए।
UP RERA पोर्टल पर अपलोड की गई ओनरशिप डिटेल्स से आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
2. सैंक्शन मैप और लेआउट प्लान
किसी भी प्रोजेक्ट का बिल्डिंग प्लान और लेआउट कम्पिटेंट अथॉरिटी द्वारा अप्रूव्ड होना चाहिए। जो प्लान बिल्डर बेच रहा है, वह अप्रूvd मैप से मैच करना चाहिए। अगर कोई डेविएशन है तो भविष्य में कानूनी समस्या हो सकती है।
3. इन्वेंटरी डिटेल्स मैच करें
जिस फ्लैट, प्लॉट या कमर्शियल यूनिट को आप खरीद रहे हैं, उसकी डिटेल्स RERA पोर्टल पर उपलब्ध इन्वेंटरी से मैच करनी चाहिए। इससे पता चलता है कि यूनिट असली है और दोबारा बेची तो नहीं जा रही।
4. प्रोजेक्ट बैंक अकाउंट या कलेक्शन अकाउंट
RERA नियम के अनुसार बिल्डर को खरीदारों से लिए गए पैसे का कम से कम 70% एक अलग प्रोजेक्ट-स्पेसिफिक कलेक्शन अकाउंट में जमा करना होता है। इस अकाउंट की डिटेल्स चेक करें ताकि आपके पैसे का दुरुपयोग न हो सके।
5. क्वार्टरली प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR)
बिल्डर को हर तिमाही में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट RERA पोर्टल पर अपडेट करनी होती है। इन रिपोर्ट्स से आप निर्माण की गति, टाइमलाइन और कंप्लायंस स्टेटस जान सकते हैं। नियमित अपडेट पारदर्शिता दर्शाते हैं।
6. बिल्डर के खिलाफ दर्ज शिकायतों की संख्या
प्रोमोटर के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज हैं और उनका स्टेटस क्या है, यह जरूर चेक करें। ज्यादा शिकायतें या अनसुलझे केस रिस्क का संकेत देते हैं।
UP RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट डिटेल्स कैसे चेक करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
आधिकारिक वेबसाइट up-rera.in पर जाएं
Registered Projects सेक्शन पर क्लिक करें
प्रोजेक्ट नाम या PRJ नंबर से सर्च करें
नीले आँख वाले आइकन पर क्लिक करें
प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी, बैंक डिटेल्स, लैंड डिटेल्स और डॉक्यूमेंट्स देखें
हेल्पडेस्क नंबर: 9151602229 और 9151642229
HousingSocietySolutions की सलाह
हमेशा RERA रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट ही चुनें
सिर्फ आकर्षक ब्रोशर या वर्ड ऑफ माउथ पर भरोसा न करें
लीगल डॉक्यूमेंट्स की जांच के लिए एक्सपीरियंस्ड वकील की मदद लें
पेमेंट हमेशा चेक/RTGS/NEFT से करें, कैश से बचें
निष्कर्ष:
UP RERA की यह नई एडवाइजरी घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत और सुरक्षा कवच है। अगर आप इन 6 चेक पॉइंट्स को फॉलो करेंगे तो धोखाधड़ी का खतरा बहुत कम हो जाएगा। अपने अनुभव या सवाल कमेंट में जरूर शेयर करें।
HousingSocietySolutions पर हम लगातार रियल एस्टेट, हाउसिंग सोसाइटी और घर खरीद से जुड़ी उपयोगी जानकारी लाते रहते हैं।शेयर करें अपने दोस्तों और परिवार के साथ जो घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं।










