महाराष्ट्र सरकार ने विल रजिस्ट्रेशन को ₹100 तक सीमित कर दिया है। अब किसी भी 517 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में कहीं भी रजिस्टर कर सकते हैं। हाउसिंग सोसाइटी के फ्लैट मालिकों, सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड लोगों के लिए जरूरी जानकारी।
महाराष्ट्र में ₹100 में विल रजिस्ट्रेशन:
हाउसिंग सोसाइटी सदस्यों के लिए बड़ी राहत
हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए अच्छी खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने विल (Will) रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बहुत आसान और सस्ता बना दिया है। अब राज्य के किसी भी 517 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में ₹100 की नॉमिनल फीस देकर विल रजिस्टर कर सकते हैं। पहले क्षेत्रीय सीमा की वजह से परेशानी होती थी, अब वह भी खत्म हो गई है।
HousingSocietySolutions के पाठकों के लिए यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि सोसाइटी के फ्लैट/शेयर्स के ट्रांसफर में उत्तराधिकार विवाद सबसे ज्यादा होते हैं।
महाराष्ट्र सरकार का नया नियम क्या है?
किसी भी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में विल रजिस्ट्रेशन संभव।
फीस सिर्फ ₹100 (कोई स्टांप ड्यूटी नहीं)।
विल को 4 महीने की समय सीमा से छूट (अन्य दस्तावेजों के विपरीत)।
सील्ड विल की सुविधा भी उपलब्ध – गोपनीयता के लिए।
रजिस्ट्रेशन जीवनकाल में कभी भी कर सकते हैं।
यह सुविधा Section 18 of the Registration Act, 1908 के तहत पहले से वैकल्पिक थी, लेकिन अब इसे और आसान बना दिया गया है।
हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को क्यों तुरंत एक्शन लेना चाहिए?कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट का शेयर, फ्लैट नंबर और संबंधित एसेट्स का उत्तराधिकार बिना साफ विल के बहुत जटिल हो जाता है।
विशेष रूप से फायदेमंद इनके लिए:
सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड व्यक्ति जिनके पास स्व-अर्जित फ्लैट है।
मुम्बई, पुणे, ठाणे, नागपुर आदि शहरों की सोसाइटियों के सदस्य।
दूसरी शादी वाले या ब्लेंडेड फैमिली वाले लोग।
विशेष जरूरत वाले आश्रित (डिपेंडेंट) को संपत्ति देने वाले।
NRI सदस्य जो भारत आकर आसानी से रजिस्टर कर सकते हैं।
वकीलों के अनुसार, रजिस्टर्ड विल से उत्तराधिकार विवाद बहुत कम होते हैं और सोसाइटी में नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
विल कैसे बनाएं? –
जरूरी टिप्स (Housing Society Members के लिए)स्पष्ट विवरण दें – “मेरा फ्लैट बेटे को” न लिखें। पूरा फ्लैट नंबर, सोसाइटी का नाम, पता, शेयर सर्टिफिकेट नंबर आदि लिखें।
दो स्वतंत्र गवाह (जो लाभार्थी न हों)।
एक्जीक्यूटर (वसीयत को अमल में लाने वाला) नामित करें, साथ में अल्टरनेट भी।
हर पेज पर हस्ताक्षर।
पुरानी विल को रद्द करने का स्पष्ट उल्लेख।
जीवन के बड़े बदलाव (शादी, तलाक, नया बच्चा) के बाद विल अपडेट करें।
सलाह:
वकील या कानूनी विशेषज्ञ की मदद लें ताकि विल मजबूत और विवाद-मुक्त बने।सील्ड विल क्या है?आप विल को सील्ड कवर में डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार के पास जमा कर सकते हैं। ₹100 फीस में जमा और निकासी दोनों संभव। मृत्यु के बाद आवेदन पर खोला जा सकता है। यह गोपनीयता चाहने वालों के लिए अच्छा विकल्प है।
विल रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है? (भले ही कानूनी रूप से अनिवार्य न हो)रजिस्टर्ड विल की प्रामाणिकता ज्यादा मानी जाती है।
कोर्ट में आसानी से साबित होता है।
परिवार में झगड़े कम होते हैं।
सोसाइटी में शेयर ट्रांसफर सुगम।
नोट:
अनरजिस्टर्ड विल भी वैध है, लेकिन रजिस्टर्ड विल ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।निष्कर्ष: अब देरी न करेंमहाराष्ट्र सरकार की यह पहल एस्टेट प्लानिंग को आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है। हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों के लिए यह सोने पर सुहागा है। ₹100 और थोड़ी सी मेहनत से आप अपने परिवार को भविष्य के झगड़ों से बचा सकते हैं।
HousingSocietySolutions की सलाह:
आज ही अपने वकील से संपर्क करें और विल तैयार करवाएं। सीनियर सिटीजन जल्द से जल्द इस सुविधा का लाभ लें।
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