महाराष्ट्र सरकार ने कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी नियम 1961 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। जानिए कम हुई ब्याज दर, नई मेंटेनेंस चार्जेस व्यवस्था, पार्किंग नियम, नॉमिनी अधिकार और सेल्फ रिडेवलपमेंट में आसानी के बारे में। फ्लैट ओनर्स के लिए पूरी डिटेल।
महाराष्ट्र हाउसिंग सोसाइटी नियमों में ऐतिहासिक बदलाव: फ्लैट ओनर्स को मिली बड़ी राहतमुंबई: लाखों फ्लैट ओनर्स और हाउसिंग सोसाइटीज के लिए राहत भरी खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने Maharashtra Co-operative Societies Rules, 1961 में व्यापक संशोधन अधिसूचित कर दिए हैं। इन बदलावों से मेंटेनेंस चार्जेस की गणना पारदर्शी होगी, डिफॉल्ट पर पेनाल्टी घटी है, पार्किंग विवादों में जनरल बॉडी को अंतिम अधिकार मिला है और सेल्फ रिडेवलपमेंट आसान हो गया है।
HousingSocietySolutions पर इस लेख में हम आपको इन सभी नए नियमों की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।
1. ब्याज दर में बड़ी कटौती – अब सिर्फ 12% सालाना पहले डिले मेंटेनेंस पर 21% सालाना ब्याज लगता था।
अब अधिकतम 12% प्रति वर्ष ही लिया जा सकेगा।
इससे अस्थायी आर्थिक परेशानी में फंसे सदस्यों पर बोझ काफी कम हो गया है।
2. मेंटेनेंस चार्जेस की नई स्पष्ट व्यवस्था
नए नियमों में चार्जेस की गणना को लेकर साफ दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
सर्विस चार्जेस: सभी फ्लैट्स में समान रूप से बांटे जाएंगे
(साइज चाहे जितना भी हो)।
वॉटर चार्जेस: फ्लैट में लगे नलों (taps) की संख्या के आधार पर।
नॉन-ऑक्यूपेंसी चार्जेस: सर्विस चार्जेस का अधिकतम 10% ही लिया जा सकेगा (किराएदार वाले फ्लैट्स पर)।
सोसाइटी मनमाने ढंग से अतिरिक्त चार्जेस नहीं लगा सकती। अतिरिक्त चार्जेस केवल जनरल बॉडी की मंजूरी और कानूनी प्रावधानों के अधीन ही लगाए जा सकते हैं।
3. पार्किंग विवादों का समाधान
पार्किंग अब मैनेजिंग कमिटी के बजाय जनरल बॉडी के फैसले से तय होगी। यह सबसे आम विवादों में से एक को हल करने में मददगार साबित होगा।
4. सेल्फ रिडेवलपमेंट को बड़ा बूस्ट
सोसाइटी अब अपनी जमीन के मूल्य के 10 गुना तक ऋण ले सकती है (एम्पैनल्ड बैंक वेल्यूअर्स द्वारा मूल्यांकन के आधार पर)।
इससे डेवलपर पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत कम होगी।
रिडेवलपमेंट से संबंधित विशेष जनरल बॉडी मीटिंग अब वर्चुअल भी हो सकती है (क्वोरम पूरा होने पर)।
5. Sinking Fund और Repair Fund: अनिवार्यSinking Fund: निर्माण लागत का न्यूनतम 0.25% प्रति वर्ष।
Repair & Maintenance Fund: निर्माण लागत का न्यूनतम 0.75% प्रति वर्ष।
इससे भविष्य में बड़े रिपेयर के लिए फंड की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
6. नॉमिनी और उत्तराधिकार संबंधी महत्वपूर्ण प्रावधान
सदस्य की मृत्यु पर यदि नॉमिनी न हो या कोई आगे न आए तो दो स्थानीय समाचार पत्रों में पब्लिक नोटिस जारी करना अनिवार्य।
नॉमिनी को प्रोविजनल मेंबरशिप और वोटिंग अधिकार मिल सकेंगे (इंडेम्निटी बॉन्ड जमा करने पर)।
7. अन्य महत्वपूर्ण बदलाव:
प्रिमाइसेस सोसाइटीज को औपचारिक मान्यता (कमर्शियल यूनिट्स के लिए)।
सोसाइटी रजिस्ट्रेशन फीस ₹2,000 से बढ़कर ₹5,000।
सोसाइटी के साइज के अनुसार मेंटेनेंस खर्च की वार्षिक सीमा तय।
जनरल बॉडी को सोसाइटी का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला अंग पुनः पुष्ट किया गया।
फ्लैट ओनर्स के लिए क्या मतलब है?
कम बोझ और ज्यादा पारदर्शिता
विवादों में कमी और तेज समाधान
रिडेवलपमेंट में ज्यादा विकल्प और फाइनेंशियल सुविधा
मजबूत उत्तराधिकार सुरक्षा
HousingSocietySolutions की सलाह:
सभी सोसाइटीज अपने मैनेजिंग कमिटी और सदस्यों को इन नए नियमों की कॉपी उपलब्ध कराएं और आगामी जनरल बॉडी मीटिंग में इन्हें चर्चा में लाएं।
नोट: ये नियम पूरे महाराष्ट्र में लागू होंगे। किसी भी विशिष्ट मामले में अपने सोसाइटी के रजिस्ट्रार या कानूनी सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
