सोमवार, 30 मार्च 2026

Census2027:दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा

 

भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त ने आज नई दिल्ली में जनगणना-2027 पर संवाददाता सम्मलेन को संबोधित किया


दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा

पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी, और पहली बार 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना, और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक 'मकान सूचीकरण और आवास जनगणना' आयोजित की जाएगी

स्व-गणना एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा के माध्यम से होगी, उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 16 भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे

प्रगणक (Enumerators) अपने स्मार्टफ़ोन का उपयोग करके, सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे और जमा करेंगे

डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं

पूरे देश में जनगणना 2027 में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे






 महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण ने आज नई दिल्ली में जनगणना-2027 पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, और पहली बार 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास जनगणना आयोजित की जाएगी।

भारत की जनगणना का संचालन जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 (समय-समय पर संशोधित) के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। भारत की पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। जनगणना 2027 श्रृंखला की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी।

 

भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 आयोजित करने के आशय को 16 जून, 2025 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 की 00:00 बजे होगी (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की 00:00 बजे होगी)।

 

जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी।

पहला चरण  – मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्र की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। पहले चरण के प्रश्न जनवरी 2026 में अधिसूचित किए जा चुके हैं।

 

दूसरा चरण – जनसंख्या गणना (Population Enumeration) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों में यह सितंबर 2026 में आयोजित होगा)। CCPA के निर्णयानुसार, इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। जनसंख्या गणना की सटीक तिथियां एवं प्रश्नावली समयानुसार अधिसूचित की जाएगी।

अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दिल्ली (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 अप्रैल से 15 मई, 2026 के बीच आयोजित होगी, तथा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ एवं हरियाणा में यह कार्य 1 मई से 30 मई, 2026 तक होगा तथा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक स्व-गणना की अवधि रहेगी। राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार विस्तृत कार्यक्रम परिशिष्ट में संलग्न है।

 

भारत सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें प्रगणकों के मानदेय, प्रशिक्षण, आईटी अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स आदि के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है।

 

जनगणना 2027 को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने स्मार्टफोन द्वारा सीधे डेटा एकत्र एवं प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों चरणों में स्व-गणना के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप एवं स्व-गणना पोर्टल हिंदी एवं अंग्रेज़ी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। जनगणना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे— प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र का निर्माण, कार्य आवंटन, प्रशिक्षण प्रबंधन, HLB निर्माण, डैशबोर्ड के माध्यम से कार्य की निगरानी, कुछ जनगणना अभिलेखों/सारांशों का स्वतः निर्माण आदि के लिए एक पोर्टल विकसित किया गया है। मकानसूचीकरण ब्लॉक, HLB वेब मैपिंग एप्लिकेशन के माध्यम से तैयार किए जाएंगे। डेटा सुरक्षा हेतु आवश्यक सभी उपाय किए गए हैं।

 

स्व-गणना के लिए, व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर एवं अन्य मूलभूत विवरणों के माध्यम से पोर्टल में लॉग-इन कर अपनी सुविधा अनुसार जनगणना प्रपत्र भर सकते हैं। सफल सबमिशन के पश्चात एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना होगा। स्व-गणना सुविधा से लोगों को प्रगणक के आगमन से पूर्व अपनी सुविधा अनुसार जानकारी भरने की स्वतंत्रता मिलेगी। पूर्व की भांति प्रगणक अपने आवंटित ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना करेंगे, जबकि स्व-गणना इस बार एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में प्रदान की गई है।

(एसई पोर्टल पर जाएं (se.census.gov.in)  मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें  मानचित्र पर स्थान चिन्हित करें  परिवार का विवरण भरें  जानकारी सबमिट करें  SE ID प्राप्त करें  प्रगणक को SE ID दें  डेटा को पुष्टि कर जनगणना में सम्मिलित किया जाएगा)

 

जनगणना के प्रथम चरण (HLO) का पूर्व-परीक्षण नवंबर 2025 में सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लगभग 5000 ब्लॉकों में किया गया। इसमें गणना पद्धति, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, प्रश्नावली, ऐप एवं पोर्टल सहित डेटा संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण तक सभी गतिविधियों का परीक्षण किया गया।

 

01.01.2026 से 31.03.2027 तक सभी प्रशासनिक इकाइयों को स्थिर (फ्रीज़) कर दिया गया है। जनगणना 2027 का संचालन 36 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, 7,092 उप-जिलों, 5,128 सांविधिक नगरों, 4,580 जनगणना नगरों तथा लगभग 6,39,902 गांवों में किया जाएगा।

जनगणना अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु व्यापक व्यवस्था की गई है। 100 राष्ट्रीय प्रशिक्षकों को विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है, जिन्होंने लगभग 2000 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया है। ये मास्टर ट्रेनर्स लगभग 45,000 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं, जो आगे लगभग 31 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को लगभग 80,000 बैचों में प्रशिक्षण देंगे। सभी प्रशिक्षण सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की गई है ताकि अंतिम स्तर पर कार्यरत प्रगणक एवं पर्यवेक्षक समय पर गुणवत्तापूर्ण डेटा एकत्र कर सकें।

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 अनुलग्नक

राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्रवार मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना  तथा स्व-गणना अवधि

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

स्व-गणना (Self-Enumeration) अवधि

मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting & Housing Census) अवधि

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम

1 अप्रैल से 15 अप्रैल

16 अप्रैल से 15 मई

गुजरात*, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

5 अप्रैल से 19 अप्रैल

20 अप्रैल से 19 मई

उत्तराखंड

10 अप्रैल से 24 अप्रैल

25 अप्रैल से 24 मई

मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा

16 अप्रैल से 30 अप्रैल

1 मई से 30 मई

बिहार

17 अप्रैल से 1 मई

2 मई से 31 मई

तेलंगाना

26 अप्रैल से 10 मई

11 मई से 9 जून

पंजाब

30 अप्रैल से 14 मई

15 मई से 13 जून

दिल्ली (दिल्ली नगर निगम), महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान और झारखंड**

1 मई से 15 मई

16 मई से 14 जून

उत्तर प्रदेश

7 मई से 21 मई

22 मई से 20 जून

जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी

17 मई से 31 मई

1 जून से 30 जून

हिमाचल प्रदेश

1 जून से 15 जून

16 जून से 15 जुलाई

केरल और नागालैंड

16 जून से 30 जून

1 जुलाई से 30 जुलाई

तमिलनाडु और त्रिपुरा

17 जुलाई से 31 जुलाई

1 अगस्त से 30 अगस्त

असम

2 अगस्त से 16 अगस्त

17 अगस्त से 15 सितंबर

मणिपुर

17 अगस्त से 31 अगस्त

1 सितंबर से 30 सितंबर

पश्चिम बंगाल

निर्धारित किया जाना है

 

 

* गुजरात – परिवर्तन संभव
** झारखंड – जनगणना कराने की मंशा की अधिसूचना जारी, HLO अवधि अधिसूचित की जाएगी

 

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RK/RR/PR/SK


(रिलीज़ आईडी: 2246848) आगंतुक पटल : 168
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English Gujarati Kannada

    बुधवार, 25 मार्च 2026

    LPG Crisis: होटल-रेस्तरां अगर बिल में जोड़ें ‘LPG चार्ज’ या ‘सर्विस चार्ज’ तो ऐसे करें शिकायत | जानिए अपना अधिकार


    देश में चल रहे LPG संकट के बीच होटल और रेस्तरां द्वारा ग्राहकों के बिल में अतिरिक्त शुल्क जोड़ने की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। कई जगहों पर ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’ या ‘फ्यूल कॉस्ट’ के नाम पर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं, जो कि उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।

    ### ⚠️ क्या है पूरा मामला?

    हाल ही में सरकार के उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) को कई शिकायतें मिलीं कि होटल और रेस्तरां खाने के बिल में अलग से LPG या फ्यूल चार्ज जोड़ रहे हैं। जबकि नियम साफ कहते हैं कि मेन्यू में दिखाया गया दाम ही अंतिम होना चाहिए (टैक्स को छोड़कर)। ([The Indian Express][1])

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

    * ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’, ‘फ्यूल रिकवरी’ जैसे शुल्क **अपने आप बिल में जोड़ना गलत है**
    * यह **अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice)** की श्रेणी में आता है
    * रेस्तरां को अपने खर्च (जैसे गैस, बिजली आदि) को मेन्यू कीमत में ही शामिल करना चाहिए

    ---

    ### 🍽️ क्यों बढ़ रही हैं ऐसी शिकायतें?

    देश में LPG की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण होटल और रेस्तरां की लागत बढ़ गई है। कई जगहों पर:

    * कमर्शियल LPG महंगा हो गया है
    * सप्लाई प्रभावित हुई है
    * ऑपरेशन कॉस्ट 20–30% तक बढ़ गई है

    इसी कारण कुछ व्यवसाय सीधे ग्राहकों पर अतिरिक्त चार्ज डालने लगे हैं।

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    ### ❌ क्या सर्विस चार्ज देना जरूरी है?

    * सर्विस चार्ज **अनिवार्य नहीं है**
    * ग्राहक चाहें तो इसे देने से मना कर सकते हैं
    * होटल इसे जबरदस्ती नहीं वसूल सकता

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    ### 📢 अगर बिल में LPG चार्ज जुड़ा है तो क्या करें?

    अगर किसी होटल या रेस्तरां ने आपके बिल में गलत तरीके से LPG या सर्विस चार्ज जोड़ा है, तो आप निम्न तरीके से शिकायत कर सकते हैं:

    #### 1. नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH)

    * फोन: 1915
    * वेबसाइट या ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं

    #### 2. कंज्यूमर कोर्ट (Consumer Commission)

    * ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें

    #### 3. ईमेल/ऑनलाइन पोर्टल

    * उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर शिकायत करें

    #### 4. सीधे रेस्तरां से बात करें

    * बिल से गलत चार्ज हटाने की मांग करें
    * अक्सर मौके पर ही समस्या हल हो जाती है

    ### ⚖️ क्या कार्रवाई हो सकती है?

    अगर होटल/रेस्तरां नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो:

    * उन पर जुर्माना लग सकता है
    * लाइसेंस पर कार्रवाई हो सकती है
    * उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत केस चल सकता है

    📌 निष्कर्ष

    LPG संकट के बावजूद होटल और रेस्तरां ग्राहकों से अलग से ‘LPG चार्ज’ या ‘फ्यूल सरचार्ज’ नहीं वसूल सकते। उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी गलत वसूली के खिलाफ तुरंत शिकायत करनी चाहिए।

    LPG संकट से PNG पुश: सरकार ने हाउसिंग सोसाइटी के ब्लॉक और ब्यूरोक्रेटिक देरी को ओवरराइड कर दिया – अब PNG कनेक्शन 3 दिन में अनिवार्य!

     



    LPG संकट से PNG पुश: सरकार ने हाउसिंग सोसाइटी के ब्लॉक और ब्यूरोक्रेटिक देरी को ओवरराइड कर दिया – अब PNG कनेक्शन तेजी से आएगामुंबई, 25 मार्च 2026 – पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न LPG (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) की कमी ने केंद्र सरकार को एक बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 24 मार्च 2026 को Natural Gas and Petroleum Products Distribution (Through Laying, Building, Operation and Expansion of Pipelines and Other Facilities) Order, 2026 जारी किया है। यह ऑर्डर Essential Commodities Act, 1955 के तहत अधिसूचित किया गया है और तुरंत प्रभावी है।इस नए आदेश का मुख्य मकसद प्राकृतिक गैस (PNG - Piped Natural Gas) की पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को तेज करना है। अब हाउसिंग सोसाइटी, रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), लोकल बॉडीज या म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन पाइपलाइन बिछाने में बाधा नहीं डाल सकेंगे, न ही मनमाने शुल्क लगा सकेंगे।पहले क्या समस्या थी?शहरों जैसे मुंबई, पुणे, दिल्ली, बेंगलुरु आदि में रहने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए PNG कनेक्शन लेना हमेशा से मुश्किल रहा है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां (PNGRB द्वारा अधिकृत) अक्सर शिकायत करती रही हैं कि हाउसिंग सोसाइटी और RWA पाइपलाइन बिछाने की अनुमति नहीं देतीं, मनमाना पैसा मांगती हैं या आवेदन पर कोई जवाब ही नहीं देतीं। म्यूनिसिपल अथॉरिटीज भी महीनों लगाकर परमिशन देती हैं और अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग रिस्टोरेशन चार्जेस वसूलती हैं।नतीजा? PNG उपलब्ध क्षेत्रों में भी लोग सालों-दशकों तक इंतजार करते रहे और महंगे LPG सिलेंडरों पर निर्भर रहते रहे।नए ऑर्डर में क्या बदलाव हैं? (हाउसिंग सोसाइटी के लिए महत्वपूर्ण)हाउसिंग सोसाइटी/RWA अब इनकार नहीं कर सकती

    कोई भी इकाई जो हाउसिंग एरिया का एक्सेस कंट्रोल करती है (सोसाइटी, RWA आदि), को अधिकृत गैस कंपनी के आवेदन पर 3 वर्किंग दिनों के अंदर राइट ऑफ वे (पाइपलाइन बिछाने की अनुमति) देनी होगी।

    व्यक्तिगत घर तक लास्ट-माइल कनेक्शन 48 घंटे के अंदर देना अनिवार्य है। सोसाइटी को इनकार करने का अधिकार पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

    अनुमति न देने पर सख्त कार्रवाई

    अगर सोसाइटी या RWA अनुमति नहीं देती, तो गैस कंपनी सोसाइटी के एंट्री पॉइंट पर पब्लिक नोटिस लगा सकती है। नोटिस में साफ लिखा होगा कि 3 महीने बाद उस पूरे एरिया में LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी। यह नोटिस दो अखबारों में भी प्रकाशित होगा और LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स को सूचित किया जाएगा।

    मतलब साफ है – सोसाइटी अगर पाइपलाइन रोकती है, तो पूरे सोसाइटी के निवासियों का LPG कनेक्शन खतरे में पड़ जाएगा।

    सरकारी विभागों के लिए डीम्ड अप्रूवल

    म्यूनिसिपल या अन्य सरकारी अथॉरिटीज अगर तय समय में आवेदन रिजेक्ट नहीं करतीं, तो अनुमति स्वतः मान ली जाएगी (Deemed Approval)। गैस कंपनी बिना आगे की लिखित अनुमति के काम शुरू कर सकती है।

    इसके अलावा, स्टैंडर्ड शेड्यूल के अलावा कोई अतिरिक्त चार्ज, फीस, वे लीव चार्ज या डेवलपमेंट चार्ज नहीं लिया जा सकेगा।

    PNG उपलब्ध होने पर LPG बंद

    जहां PNG पाइपलाइन बिछ चुकी हो और सप्लाई शुरू हो सके, वहां घरों को PNG के लिए आवेदन करने के लिए 3 महीने का समय दिया जाएगा। आवेदन न करने पर उस घर का LPG कनेक्शन बंद हो जाएगा।

    सोसाइटी स्तर पर ब्लॉक करने की स्थिति में भी पूरा एरिया LPG से वंचित हो सकता है।

    केवल तकनीकी रूप से असंभव मामलों में LPG जारी रखा जा सकता है।


    क्यों जारी किया गया यह ऑर्डर?ऑर्डर के प्रिंबल में साफ लिखा है कि पश्चिम एशिया में Gulf LNG सुविधाओं को नुकसान और Strait of Hormuz की ब्लॉकेज के कारण LPG और नेचुरल गैस की सप्लाई पर लंबे समय तक असर पड़ेगा। सरकार इसे राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा मानते हुए PNG को बढ़ावा दे रही है। वर्षों से प्रयास चल रहे थे, लेकिन अब LPG संकट को अवसर बनाकर तेजी से गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने का फैसला लिया गया है।गैस कंपनियों पर भी जिम्मेदारीअनुमति मिलने के बाद 4 महीने में पाइपलाइन न बिछाने वाली कंपनियों पर पेनल्टी लगेगी और उनकी एक्सक्लूसिविटी भी छीनी जा सकती है। PNGRB इसकी निगरानी करेगा।हाउसिंग सोसाइटी के लिए सलाहअब PNG पाइपलाइन के लिए अनुमति देने में देरी न करें। इससे निवासियों को सस्ता, सुरक्षित और निरंतर गैस मिलेगी।

    सोसाइटी मैनेजमेंट को गैस कंपनी के साथ समन्वय रखना चाहिए ताकि काम सुचारू रूप से हो।

    लंबे समय में PNG न केवल सस्ता पड़ेगा, बल्कि LPG की कमी के संकट से भी बचाएगा।

    रविवार, 22 मार्च 2026

    क्रेडिट कार्ड से दुबई में प्रॉपर्टी खरीदना पड़ा भारी! ED नोटिस का पूरा सच और बचाव के तरीके I Credit card I Property IDubai I ED

    क्या आपने क्रेडिट कार्ड से विदेश में प्रॉपर्टी खरीदी है? जानिए ED नोटिस क्यों भेज रही है, RBI के नियम क्या कहते हैं और कैसे बचें कानूनी परेशानी से।

    हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि कई भारतीय नागरिकों को दुबई में क्रेडिट कार्ड से प्रॉपर्टी खरीदने पर Enforcement Directorate (ED) की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं।



    📌 क्या है पूरा मामला?

    रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ भारतीय निवेशकों ने दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया। लेकिन भारत के विदेशी निवेश नियमों के अनुसार, यह तरीका पूरी तरह से वैध नहीं माना जाता।

    भारत में विदेशी निवेश (Overseas Investment) के लिए RBI (Reserve Bank of India) के अंतर्गत Liberalised Remittance Scheme (LRS) लागू है। इस स्कीम के तहत आप साल में एक निश्चित लिमिट तक पैसा विदेश भेज सकते हैं — लेकिन इसके लिए सही बैंकिंग चैनल का उपयोग जरूरी है।

    👉 क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके इस लिमिट या प्रक्रिया को बायपास करना कानून का उल्लंघन माना जा सकता है।

    ⚖️ क्यों भेजे जा रहे हैं ED नोटिस?

    Enforcement Directorate (ED) विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत जांच करता है।

    यदि कोई व्यक्ति:

    • गलत तरीके से विदेश में निवेश करता है

    • LRS नियमों को तोड़ता है

    • या क्रेडिट कार्ड के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से पैसा भेजता है

    तो उसे नोटिस मिल सकता है।

    🚫 क्या क्रेडिट कार्ड से विदेश में प्रॉपर्टी खरीदना गलत है?

    सीधे शब्दों में — हाँ, यह जोखिम भरा और नियमों के खिलाफ हो सकता है।

    क्योंकि:

    क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन को LRS के तहत सही तरीके से रिपोर्ट नहीं किया जाता

    इससे RBI की तय सीमा और पारदर्शिता नियमों का उल्लंघन हो सकता है

    ED इसे "illegal remittance" मान सकता है

    सही तरीका क्या है?

    अगर आप विदेश में प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन करें:

    1. LRS के तहत पैसा भेजें

    2. केवल अधिकृत बैंक चैनल (Authorized Dealer Bank) का उपयोग करें

    3. सभी ट्रांजैक्शन की सही डॉक्यूमेंटेशन रखें

    4. टैक्स और FEMA नियमों को समझकर निवेश करें

    ⚠️ निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
    विदेश में निवेश करना आसान जरूर है, लेकिन नियमों का पालन बेहद जरूरी है

    "Shortcut" तरीके जैसे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकते हैं

    हमेशा वित्तीय सलाहकार या CA से सलाह लें

    🧾 निष्कर्ष

    दुबई जैसे देशों में प्रॉपर्टी निवेश आकर्षक लग सकता है, लेकिन अगर आप नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो यह निवेश भारी पड़ सकता है।

    ED द्वारा भेजे जा रहे नोटिस एक चेतावनी हैं कि विदेशी निवेश में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है।


    शुक्रवार, 20 मार्च 2026

    Gurgaon Housing Society का सख्त फैसला: बकाया वालों पर Swiggy-Zomato और Maid बैन | जानें RWA के नियम और कानूनी पहलू

    Gurugram Society में बड़ा एक्शन: बकाया नहीं चुकाया तो Swiggy-Zomato भी नहीं!

    हाल ही में गुरुग्राम की एक प्रीमियम हाउसिंग सोसाइटी में ऐसा कदम उठाया गया जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी। सोसाइटी के **Residents Welfare Association (RWA)** ने 260 ऐसे फ्लैट मालिकों की सूची जारी की है जिन्होंने मेंटेनेंस शुल्क नहीं चुकाया। कुल बकाया रकम लगभग **₹40 लाख** बताई जा रही है। ([साभार- The Times of India]

    इस कार्रवाई के तहत चेतावनी दी गई है कि जो निवासी अपना बकाया नहीं चुकाएंगे, उन्हें कई सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है।

    # 🚫 किन सेवाओं पर लग सकता है बैन?

    RWA द्वारा जारी नोटिस के अनुसार डिफॉल्टर्स पर ये प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं:

    * Swiggy और Zomato जैसी फूड डिलीवरी सेवाएं
    * घरेलू कामगार (maids) का प्रवेश
    * कार वॉशिंग सेवाएं
    * सोसाइटी के सोशल इवेंट्स में भागीदारी

    यह कदम उन लोगों पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है जो लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं।

    📋 नाम सार्वजनिक करने का विवाद

    सोसाइटी ने केवल चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि **मुख्य गेट पर एक बड़ा बोर्ड लगाकर डिफॉल्टर्स के नाम भी सार्वजनिक कर दिए**।

    * कुछ मामलों में बकाया 2009 से लंबित बताया गया
    * कई निवासियों पर ₹1 लाख से अधिक का बकाया
    * बोर्ड पर नाम देखकर लोग चर्चा कर रहे हैं

    इस कदम को कुछ लोग “public shaming” यानी सार्वजनिक शर्मिंदगी बताकर आलोचना कर रहे हैं। 

    # ⚖️ क्या RWA ऐसा कर सकता है? (कानूनी पहलू)

    यह सबसे बड़ा सवाल है — क्या RWA को ऐसी पाबंदियां लगाने का अधिकार है?

    👉 सामान्यतः:

    * RWA को मेंटेनेंस वसूली का अधिकार होता है
    * वे नोटिस, लेट फीस या कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं
    * लेकिन **बेसिक सेवाओं (जैसे पानी, बिजली)** को रोकना गैर-कानूनी माना जाता है

    👉 विवाद यहां है:

    * क्या डिलीवरी और maid जैसी सेवाएं “essential” हैं?
    * क्या नाम सार्वजनिक करना प्राइवेसी का उल्लंघन है?

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में संतुलन जरूरी है — सख्ती हो लेकिन अधिकारों का उल्लंघन न हो।

    # 💬 लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    इस फैसले पर समाज में दो तरह की राय सामने आई:

    ### ✔️ समर्थन में:

    * “जो सालों से पैसे नहीं दे रहे, उनके खिलाफ सख्ती जरूरी है”
    * “मेंटेनेंस से ही सोसाइटी चलती है”

    ### ❌ विरोध में:

    * “नाम सार्वजनिक करना गलत है”
    * “पहले संवाद और समाधान होना चाहिए”


    > अपनी हाउसिंग सोसायटी को लेकर कोई सवाल हो तो जरूर पूछें:

    आपके मन में सोसायटी से जुड़ा कोई सवाल हो तो बिंदास होकर पूछिये, ये आपका हक है। आप बेहतर जिंदगी के लिए, बेहतर सुविधा के लिए मेनटेनेंस देते हैं, और मैनेजिंग कमिटी की ये जिम्मेदारी है कि वह अपनी सोसायटी के लोगों को ऐसी सुविधा बिना किसी देरी के, बिना किसी बहाने के मुहैया कराए। 

    (को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में कुछ सदस्यों की राजनीति और मैनेजिंग कमिटी की लापरवाही किस तरह से वहां रहने वाले और उनकी फैमिली को खतरे में डालती है, इस किताब में आप पढ़ सकते हैं। किताब का नाम है- हाउसिंग सोसायटी में सियासत;    जान पर आफत!  - https://www.amazon.in/dp/B08X2RS7MB ) 

     

    (तमाम विरोधों के बावजूद मैनेजिंग कमिटी में रहकर अपनी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी को ठीक से रखना चाहते हैं, तो, कैसे काम करना है, उसके लिए 'डेढ़ साल बेमिसाल' किताब को जरूर पढ़ें।)  

    -Housing Society vs Housing society federation II हाउसिंग सोसायटी और हाउसिंग सोसायटी फेडरेशन II

    -Housing Society में आपको परेशानी है, कहां और कैसे शिकायत करें II Registrar II Housing ByeLaws II MCA II Complaint II Managing Society II

    >Housing Society के Redevelopment एग्रीमेंट से पहले ये चूक भारी पड़ेगी! II Redevelopment Of The Cooperative Housing Societies II CHS II Mumbai II TDR II FSI II

    >Housing Society में Leakage पर लड़ाई, मैंने बहुत सारे Leakage कैसे ठीक कराई

    > अपनी Housing Society को बारिश में 'बीमार' होने से कैसे बचाएं! Housing Society Solutions II Waterlogging II

    -Housing Society Solutions: आपकी लापरवाही बिल्डिंग को आग के हवाले कर सकती है!

    -रिपेयर के लिए कोटेशन 9 लाख 37 हजार, AGM में बजट पास कराया 11 लाख, करप्शन का 'बेशर्म खेल' Housing Society में!


    -Housing Society: अपनी हाउसिंग सोसायटी को जानें; Know Your Housing Society

    -Housing Society: Leakage, Seepage पर लापरवाही, बिल्डिंग में मचाएगी तबाही

    -Housing Society के काम को लेकर कमिटी भी Confused, कॉन्ट्रैक्टर भी  Confused!

    -Housing Society का Underground Drainage Pipe और Tiles बदलने से पहले सोचें   

    -HousingSocietyGyan: सोसायटी का सेप्टिक टैंक OverFlow होने लगे, तो ये बेवकूफी मत करें 

    -Dirty Water: जिस पानी को हाथ नहीं लगा सकते हैं, वो हम पीते हैं! ये रहा सबूत 

    -अपनी हाउसिंग सोसायटी की AGM की तैयारी कैसे करें, ताकि अपमानित ना होना पड़े

    -अपनी हाउसिंग सोसायटी की AGM की तैयारी आसानी से तीन स्टेप में करें, हर स्टेप की जानकारी 

    -SwacchHousingSociety:अपनी ही हाउसिंग सोसायटी के गेट पर कचरा फेंकना यानी नुकसान अपना 

    - हाउसिंग सोसायटी में खुलेआम "Communal खेल" और चेयरमैन और सेक्रेटरी की चुप्पी !

    -हाउसिंग सोसायटी की AGM में Time Pass करने वाले मैनेजिंग कमिटी के मेंबर्स से बचके !

    -हाउसिंग सोसायटी के हर मेंबर्स को AGM में ये 16 सवाल जरूर पूछने चाहिए

    -हाउसिंग सोसायटी की AGM में भाग लेना कितना जरूरी है, आप शायद नहीं जानते!

    -हाउसिंग सोसायटी के सेप्टिक टैंक की सफाई कब करवानी चाहिए

    -हाउसिंग सोसायटी की जमीन अगर सरकारी गटर से नीचे हो जाए तो जलजमाव से कैसे बचें

    -हाउसिंग सोसायटी में पानी की टंकी रहने पर भी पानी की समस्या और उसके समाधान 

    -शेड के लिए छत पर कैसे चढ़ाते हैं सीमेंट शीट

    -बिल्डिंग पर शेड लगाने से पहले आयरन मैटेरियल पर प्राइमर और कलर

    -बिल्डिंग पर शेड लगाने के लिए आयरन मैटेरियल कैसे ले जाया जाता है

    -बिल्डिंग की छत का समय समय पर जरूर मरम्मत कराएं, जानें कैसे और क्यों

    -आपकी बिल्डिंग तंदुरुस्त रहेगी, तभी आपका फ्लैट, आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा 

    -अंडरग्राउंड वॉटर टंकी की हालत देखिये, नियमित सफाई नहीं कराने पर ऐसी हुई हालत

    -हाउसिंग सोसायटी को ज्यादा पानी स्टोरेज के लिए क्या करना चाहिए

    -पानी की टंकी को लेकर लापरवाही सोसायटी और मकानमालिक के लिए खतरनाक है, जानें कैसे 

    -आग से खुदको,फैमिली को, फ्लैट और बिल्डिंग को कैसे बचाएं

    -बिल्डिंग को कलर करने से पहले कैसे होती है दीवारों की सफाई

    -कैसे होता है बिल्डिंग रिपेयर का काम

    -बिल्डिंग रिपेयर, क्रैक फिलिंग, कलर की पूरी प्रक्रिया जानें

    -हाउसिंग सोसायटी की छत डिश एंटेना लगाने का सही तरीका, गलत तरीके से लगाएंगे तो बिल्डिंग को नुकसान पहुंचेगा  

    कहीं आप हाउसिंग सोसायटी की छत पर डिश एंटेना लगाकर बिल्डिंग को तो नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं!

    -फ्लैट की बालकनी में आपकी गार्डेनिंग कहीं बिल्डिंग तो खराब नहीं कर रही है!

    - हाउसिंग सोसायटी की नाली को साफ-सुथरा, सुरक्षित और खूबसूरत कैसे बनाएं 

    -हाउसिंग सोसायटी के फ्लैट के अंदर लीकेज की समस्या और उसका समाधान 

    -अपनी हाउसिंग सोसायटी के पड़ोसी की आप से हो रही परेशानी समझें और उसे दूर करें 

    -महाराष्ट्र की हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले AGM की ताकत को नजरअंदाज मत करें 

    -बड़े अजीब होते हैं...को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के लोग 

    - हाउसिंग सोसायटी और उसकी कमिटी के लोगों का 'Confusing Character'!

    -किसी भी हाउसिंग सोसायटी की सरकार होती है उसकी मैनेजिंग कमिटी

    -'हाउसिंग सोसायटी के हित में काम करना ही मैनेजिंग कमिटी की जिम्मेदारी होती है'

    - अपनी हाउसिंग सोसायटी की समस्या सुलझाकर हंसिये, बेवजह विवाद बढ़ाने से बचिये

    - हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले-क्या आप कानून जानते हैं?

    -हाउसिंग सोसायटी के कानून जानने के हैं बहुत सारे फायदे

    - हाउसिंग सोसायटी में कैसे होता है करप्शन का खेल!



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    1-कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले हर लोगों के लिए जरूरी किताब।
    2-अचानक की गई बंदी इंसान को संभलने का मौका नहीं देती। ऐसे में आनंद के साथ जीने के उपाय क्या हैं। मेरी इस किताब में पढ़िये...बंदी में कैसे रहें बिंदास" 
    3-अमीर बनने के लिए पैसों से खेलना आना चाहिए। पैसों से खेलने की कला सीखने के लिए पढ़िये...
    4-बच्चों को फाइनेंशियल एजुकेशन क्यों देना चाहिए पर हिन्दी में किताब- 'बेटा हमारा दौलतमंद बनेगा' - 
    5-अमीर बनने की ख्वाहिश हममें से हर किसी की होती है, लेकिन इसके लिए लोगों को पैसे से पैसा बनाने की कला तो आनी चाहिए। कैसे आएगी ये कला, पढ़िये - 'आपका पैसा, आप संभालें' - 
    6-इंसान के पास संसाधन या मार्गदर्शन हो या ना हो, सपने जरूर होने चाहिए। सिर्फ सपने के सहारे भी कामयाब होने वालों की दुनिया में कमी नहीं है। - 'जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक' -
    7-बेटियों को बहादुर बनने दीजिए और बनाइये, ये समय की मांग है,  "बेटी तुम बहादुर ही बनना " -
    8 -अपनी हाउसिंग सोसायटी को जर्जर से जन्नत बनाने के लिए पढ़ें,  डेढ़ साल बेमिसाल -

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    बुधवार, 18 मार्च 2026

    1 अप्रैल 2026 से HRA क्लेम के नए नियम | हाउसिंग सोसाइटी में किराए पर रहने वालों के लिए जरूरी अपडेट I HousingSocietySolutions l PAN I Landlords I Tenants I

    1 अप्रैल 2026 से HRA क्लेम के नए नियम | हाउसिंग सोसाइटी में किराए पर रहने वालों के लिए जरूरी अपडेट – लैंडलॉर्ड से रिश्ता बताना अनिवार्य, ₹1 लाख से ज्यादा किराए पर क्या होगा?नमस्कार दोस्तों, आपकी पसंदीदा ब्लॉग Housing Society Solutions में एक बार फिर स्वागत है! आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे नियम की जो लाखों हाउसिंग सोसाइटी के रेसिडेंट्स और किराएदारों को सीधे प्रभावित करने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव आ रहा है। अगर आप सैलरीड व्यक्ति हैं और House Rent Allowance (HRA) का क्लेम करते हैं, तो अब लैंडलॉर्ड से अपना रिश्ता साफ-साफ बताना पड़ेगा – खासकर तब जब सालाना किराया ₹1 लाख से ज्यादा हो।



    नए नियम क्या हैं? (सरल भाषा में समझें)
    1. रिश्ते का खुलासा अनिवार्य
      फॉर्म 12BB में अब आपको लिखना होगा कि लैंडलॉर्ड आपके पति/पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन या कोई रिश्तेदार हैं या नहीं।
    2. ₹1 लाख से ज्यादा सालाना किराए पर PAN जरूरी
      • लैंडलॉर्ड का PAN नंबर देना होगा।
      • अगर PAN नहीं है तो नाम और पता लिखकर सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा।
    3. क्यों लाया गया यह नियम?
      सरकार का मकसद फर्जी किराने और टैक्स बचाने की गलत प्रैक्टिस को रोकना है। अब टैक्स विभाग आसानी से चेक कर सकेगा कि लैंडलॉर्ड ने किराए की इनकम अपने ITR में दिखाई है या नहीं।
    हाउसिंग सोसाइटी के रेसिडेंट्स पर क्या असर?
    • ज्यादातर सोसाइटी में लोग या तो अपना फ्लैट किराए पर देते हैं या दूसरों के फ्लैट में रहते हैं।
    • अगर आप सोसाइटी के अंदर ही किसी दूसरे सदस्य/रिश्तेदार के फ्लैट में रह रहे हैं और HRA क्लेम कर रहे हैं तो अब पूरा रिश्ता खुलासा करना होगा।
    • कई फैमिली में पेरेंट्स बच्चों को फ्लैट किराए पर देते हैं – यह अब भी वैध है, लेकिन दस्तावेज और पैसे का ट्रांसफर असली होना चाहिए।
    अगर नियम फॉलो नहीं किया तो क्या होगा?
    • HRA क्लेम रद्द हो सकता है → आपका टैक्सेबल इनकम बढ़ जाएगा → ज्यादा टैक्स लगेगा।
    • सेक्शन 270A के तहत 50% से 200% तक पेनल्टी लग सकती है।
    • टैक्स अधिकारी आसानी से बैंक स्टेटमेंट, रेंट एग्रीमेंट और Annual Information Statement से क्रॉस चेक कर लेंगे।
    सोसाइटी रेसिडेंट्स के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
    • अभी से ही सही रेंट एग्रीमेंट, रेंट रसीदें और बैंक ट्रांसफर प्रूफ तैयार रखें।
    • लैंडलॉर्ड से PAN मांग लें या सेल्फ डिक्लेरेशन का फॉर्मेट तैयार कर लें।
    • एंप्लॉयर को नए नियम की जानकारी दे दें ताकि Form 12BB सही भरा जा सके।
    • अगर सोसाइटी में आपका अपना फ्लैट है और आप उसे किराए पर दे रहे हैं तो अपने ITR में किराए की इनकम जरूर दिखाएं – इससे किराएदार को भी आसानी होगी।
    आखिर में…
    ये नियम टैक्स चोरी रोकने के लिए अच्छा कदम है, लेकिन ईमानदार किराएदारों और लैंडलॉर्ड्स को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बस पारदर्शिता और सही डॉक्यूमेंटेशन रखें। अगर आप हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं या फ्लैट किराए पर दिया है तो कमेंट में बताएं – आपका अनुभव क्या है? शेयर करें अपने सोसाइटी व्हाट्सएप ग्रुप में ताकि सभी सदस्य तैयार रहें। Housing Society Solutions हमेशा आपके साथ – सोसाइटी के हर कानूनी, टैक्स और मैनेजमेंट मुद्दे पर सही जानकारी के लिए बने रहें!

    > अपनी हाउसिंग सोसायटी को लेकर कोई सवाल हो तो जरूर पूछें:

    आपके मन में सोसायटी से जुड़ा कोई सवाल हो तो बिंदास होकर पूछिये, ये आपका हक है। आप बेहतर जिंदगी के लिए, बेहतर सुविधा के लिए मेनटेनेंस देते हैं, और मैनेजिंग कमिटी की ये जिम्मेदारी है कि वह अपनी सोसायटी के लोगों को ऐसी सुविधा बिना किसी देरी के, बिना किसी बहाने के मुहैया कराए। 

    (को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में कुछ सदस्यों की राजनीति और मैनेजिंग कमिटी की लापरवाही किस तरह से वहां रहने वाले और उनकी फैमिली को खतरे में डालती है, इस किताब में आप पढ़ सकते हैं। किताब का नाम है- हाउसिंग सोसायटी में सियासत;    जान पर आफत!  - https://www.amazon.in/dp/B08X2RS7MB ) 

     

    (तमाम विरोधों के बावजूद मैनेजिंग कमिटी में रहकर अपनी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी को ठीक से रखना चाहते हैं, तो, कैसे काम करना है, उसके लिए 'डेढ़ साल बेमिसाल' किताब को जरूर पढ़ें।)  

    -Housing Society vs Housing society federation II हाउसिंग सोसायटी और हाउसिंग सोसायटी फेडरेशन II

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    >Housing Society में Leakage पर लड़ाई, मैंने बहुत सारे Leakage कैसे ठीक कराई

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    -Housing Society Solutions: आपकी लापरवाही बिल्डिंग को आग के हवाले कर सकती है!

    -रिपेयर के लिए कोटेशन 9 लाख 37 हजार, AGM में बजट पास कराया 11 लाख, करप्शन का 'बेशर्म खेल' Housing Society में!


    -Housing Society: अपनी हाउसिंग सोसायटी को जानें; Know Your Housing Society

    -Housing Society: Leakage, Seepage पर लापरवाही, बिल्डिंग में मचाएगी तबाही

    -Housing Society के काम को लेकर कमिटी भी Confused, कॉन्ट्रैक्टर भी  Confused!

    -Housing Society का Underground Drainage Pipe और Tiles बदलने से पहले सोचें   

    -HousingSocietyGyan: सोसायटी का सेप्टिक टैंक OverFlow होने लगे, तो ये बेवकूफी मत करें 

    -Dirty Water: जिस पानी को हाथ नहीं लगा सकते हैं, वो हम पीते हैं! ये रहा सबूत 

    -अपनी हाउसिंग सोसायटी की AGM की तैयारी कैसे करें, ताकि अपमानित ना होना पड़े

    -अपनी हाउसिंग सोसायटी की AGM की तैयारी आसानी से तीन स्टेप में करें, हर स्टेप की जानकारी 

    -SwacchHousingSociety:अपनी ही हाउसिंग सोसायटी के गेट पर कचरा फेंकना यानी नुकसान अपना 

    - हाउसिंग सोसायटी में खुलेआम "Communal खेल" और चेयरमैन और सेक्रेटरी की चुप्पी !

    -हाउसिंग सोसायटी की AGM में Time Pass करने वाले मैनेजिंग कमिटी के मेंबर्स से बचके !

    -हाउसिंग सोसायटी के हर मेंबर्स को AGM में ये 16 सवाल जरूर पूछने चाहिए

    -हाउसिंग सोसायटी की AGM में भाग लेना कितना जरूरी है, आप शायद नहीं जानते!

    -हाउसिंग सोसायटी के सेप्टिक टैंक की सफाई कब करवानी चाहिए

    -हाउसिंग सोसायटी की जमीन अगर सरकारी गटर से नीचे हो जाए तो जलजमाव से कैसे बचें

    -हाउसिंग सोसायटी में पानी की टंकी रहने पर भी पानी की समस्या और उसके समाधान 

    -शेड के लिए छत पर कैसे चढ़ाते हैं सीमेंट शीट

    -बिल्डिंग पर शेड लगाने से पहले आयरन मैटेरियल पर प्राइमर और कलर

    -बिल्डिंग पर शेड लगाने के लिए आयरन मैटेरियल कैसे ले जाया जाता है

    -बिल्डिंग की छत का समय समय पर जरूर मरम्मत कराएं, जानें कैसे और क्यों

    -आपकी बिल्डिंग तंदुरुस्त रहेगी, तभी आपका फ्लैट, आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा 

    -अंडरग्राउंड वॉटर टंकी की हालत देखिये, नियमित सफाई नहीं कराने पर ऐसी हुई हालत

    -हाउसिंग सोसायटी को ज्यादा पानी स्टोरेज के लिए क्या करना चाहिए

    -पानी की टंकी को लेकर लापरवाही सोसायटी और मकानमालिक के लिए खतरनाक है, जानें कैसे 

    -आग से खुदको,फैमिली को, फ्लैट और बिल्डिंग को कैसे बचाएं

    -बिल्डिंग को कलर करने से पहले कैसे होती है दीवारों की सफाई

    -कैसे होता है बिल्डिंग रिपेयर का काम

    -बिल्डिंग रिपेयर, क्रैक फिलिंग, कलर की पूरी प्रक्रिया जानें

    -हाउसिंग सोसायटी की छत डिश एंटेना लगाने का सही तरीका, गलत तरीके से लगाएंगे तो बिल्डिंग को नुकसान पहुंचेगा  

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    - हाउसिंग सोसायटी और उसकी कमिटी के लोगों का 'Confusing Character'!

    -किसी भी हाउसिंग सोसायटी की सरकार होती है उसकी मैनेजिंग कमिटी

    -'हाउसिंग सोसायटी के हित में काम करना ही मैनेजिंग कमिटी की जिम्मेदारी होती है'

    - अपनी हाउसिंग सोसायटी की समस्या सुलझाकर हंसिये, बेवजह विवाद बढ़ाने से बचिये

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    3-अमीर बनने के लिए पैसों से खेलना आना चाहिए। पैसों से खेलने की कला सीखने के लिए पढ़िये...
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    कल्याण बिरला वान्या सोसाइटी में रखरखाव शुल्क दुरुपयोग का आरोप: निवासियों का शांतिपूर्ण सत्याग्रह, CA ऑडिट की मांग

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